• afifamirza 5w

    में हूँ आम इंसान

    ज़रुरत नहीं यहाँ योगी-ओवैसी की
    इंसानियत को जो पूजे वो इन्सान ले आओ
    में हूँ आम इन्सान मुझे ढूँढ के ज़रा सुकून ले आओ
    बुज़दिल नहीं जो धर्म के नाम पे क़त्ल-ऐ-आम कर दूंगा
    जिंदा है ज़मीर अब भी
    नेता नहीं में
    जो देश क तकलीफ में देख कर भी सो जाऊंगा
    हूँ आम इंसान सुकून खोज कर ले आऊंगा

    ये सियासतदान बड़े कमज़ोर होते हैं
    हिन्दू-मुस्लमान के बीच दुश्मनी का बीज बोते हैं
    अरे यह वो हैं जो निर्भया हादसों पर चुप्पी लगते हैं
    तुम क्या मुझे धर्म को बचाना सिखाओगे
    अब आम इन्सान को क्या तुम इंसानियत सिखाओगे?

    गर जो कर लेते देश से वफादारी तुम
    सत्ता का लालच में ईमान ना बेच खाते तुम
    तो बच जाता में झुलसने से दंगो की आग से
    जला देते जो एक दिया तुम ईमानदारी का
    तो मरता ना कोई भूखा ,ना जलता घर किसी मजबूर का
    होता निशां मेरा भारत भी अमन परस्ती का
    मेरी हिम्मत से तुझे हराऊँगा
    हूँ आम इंसान तुझे इंसानियत की ताक़त बताऊंगा....
    ©afifamirza