• pragatisheel_sadhak_bihari 14w

    मसला बस रुआबों का था................बाकी सब सही था,
    हौसला बस झुकाने का था...............बाकी सब सही था!

    मेरा फैसला बस उन्हें बुलाने का था......बाकी सब सही था,
    मुझे बैर रूपी फासला मिटाने का था....बाकी सब सही था!

    उनका घोंसला भ्रम अफसानों का था...बाकी सब सही था,
    उनके चोंचले वायदों में दम नहीं था.....बाकी सब सही था!

    मुझे चुभन आघात पाने का था...........बाकी सब सही था,
    उनका उपवन सजा सिर्फ प्यादों से था,बाकी सब सही था!

    उनका चमन सिर्फ अहं संग था..........बाकी सब सही था,
    पास मेरा अमन सिर्फ वहम में था.......बाकी सब सही था!

    हवन मुझे जलाने को था....................बाकी सब सही था,
    प्रयास चाटुकारों को रिझाने का था.......बाकी सब सही था!

    वो संवाद मुझे डिगाने को था...............बाकी सब सही था,
    अपवाद नहीं है वो,अनगिनत जैसे ही हैं,,बाकी सब सही था!

    ©gatisheel_sadhak_bihari