• thesilentwords 37w

    इश्क में कोई सौदा नहीं होता मेरी जान
    होते हैं तो बस
    दो प्यार करने वालों के अरमान ।
    रहती हैं रूहें जिसमें दुनिया से महफूज
    वो एक सपनों का कच्चा सा मकान।
    बेसब्री से एक हो जाने का ख्वाब बुनती
    दो आंखें बिलकुल अनजान।
    पास होने पर मुस्कुराते चेहरे
    दूर होते ही चेहरे पर यादों के कुछ निशान।
    अपने से लगते कुछ रास्ते
    होने लगती है जिनसे पहचान।
    सब होता है इश्क में
    बस सौदा नहीं होता मेरी जान

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