• mermaid_writes 6w

    जब मिया बीवी हो राज़ी तो क्या करेगा काज़ी ।

    यहाँ शायर काज़ी है ।
    कुदरत अपने अंदाज में नज़्म लिखता आया है और लिखता रहेगा कभी सूरज की किरणों में छुपा कर, कभी पहली बारिश के लिफाफे में मिट्टी की खुशबू का पैगाम भेज कर ।
    कुदरत अपने अंदाज में नज़्म लिखता रहेगा ।

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    हरफ का नज़्म से निकाह तो हो कर ही रहेगा,
    शायर रहे या न, मगर कुदरत ये प्रेम कहानी लिखता रहेगा ।

    - हीर