• hayat_ey_isq 5w

    मा वो दुआ है,
    जिसकी मार का दर्द उसी की गोद में छुप जाता हैं।
    ,डाट उसकी रुला के ,उसी के लिपट जाने पे हसाती है

    मा वो फरिश्ता हैं जिसकी लोरी सुनके
    डर खुद डर के भाग जाता हैं।

    मा वो शिक्षा हैं
    जिसका लेखन जिंदगी भर सिख देता है

    मा सूरत हमारी मूरत भगवान की
    मा जन्नत हमारी इंसानियत संसार की
    मा काया गजब हैं उस नेक अल्लाह परवरदिगार की ।।।


    ऋषिका