• nadim_nadaf 14w

    Tha Main

    हसना - रोना सबमें कुछ थे हम,
    उनके होने से,
    ख़ुद में शामिल हों गए हम,
    हर मंज़र को पाना सीख गए हम,
    प्यार करना सीख गए हम,
    एक गलती की हम ने,
    वो चली गई और
    हम देखते रह गए,
    कोशिश रोकने की तक ना की,
    और हातोपे लिखीं तक़दीर मिटा गए,
    अब उसका हाथ मेरे हाथो में नहीं,
    उसका नाम मेरे ज़ुबान पर नहीं,
    बस वो शायरी यों में दर्ज़ है,
    एक सुकून कि तरह,