• musing_abhisheks 6w

    सिफर रहा सब्र भी अब तो,
    मुश्किल तेरा जिक्र भी अब तो।
    थी जिरह क्या अब याद भी नहीं,
    मामला-ता-कब्र ये अब तो।
    किसी की हिफाजत को हम भी लड़ें,
    खुद की हाफिज नाकाम ही अब तो।

    राही