• shriradhey_apt 15w

    उससे बात

    देखो न कल रात उसे नया बहाना मिल गया सताने का, कल बातों ही बातों में कह गया चलो अब सो जाओ तभी तो ख्वाबों में मुलाकात होगी । उसकी वो छोटी सी बात दिल को सुकूँ तो दे गई पर रातों की नींदें ले गयी, कुछ ऐसा ही है वो ।

    कह गया कि आऊँगा आज कि रात बस तुम सो जाओ, ये भी सुलाने का बहाना था उसका, ख़ुद को मुझसे दूर जो करना था । जाने कितनी ही बातें पल भर में सोच ली थी मैंने कि जब मुलाकात होंगी न उससे तो वो सब कह देंगें जो कभी कहा नहीं हाँलाकि जानता तो वो सब ही होगा पर कही मेरे कहने के इंतज़ार में न हो । उससे उन सभी मुलाकातों का जिक्र करेंगें जो अभी अधूरी सी है वो बातें जिन्होंने अभी राह भी नहीं पकड़ी वो सब भी तो कहनी है न उससे, जाने कितने सुनहरे पलों को पोटली में समेटे रखा करती थी सोचा कि जब कभी मुलाकात के साथ कह दूँगी न उससे कि तुम मेरी यादों की वो सुनहरी पोटली हो जिसे तुम्हारी याद आने पर तबियत से उछाल लेती हूँ मैं ।

    ऐसी ही न जाने कितनी अनगिनत बातें थी जो सोचा आज मिलेगा न तो सब कह डालेंगें अपने दिल का हाल जो ख़ुद से तो न जाने दिन में कितनी ही बार दोहराते है बस उसी को कहने में कतराते है, आज कह डालेंगें न क्यूंकि ख्वाबों में तो वो सिर्फ़ मेरा ही होगा न किसी दुनिया का पहरा भी नहीं होगा, बस आज कह ही देंगें हम सब, यहीं सोच कर सोने की नाकाम कोशिशों के बीच कब आँख लगी ख़बर नहीं......

    ख्वाबों में क्या हुआ?? उससे क्या कहा?? वो क्या बोला ?? ये सब थोड़ा फुर्सत के पल आतें ही बतातें है, ख्वाबों की बातें है न शान से दिलों जान से बताएँगे, रहिएगा यहीं आप .....

    ©shriradhey_apt