• arzoorathore 15w

    कहा है तू? तू मेरे आसपास तो नहीं कहीं,
    यह फाँसला मुझे जुठा फसाना लगता हैं।

    बड़ी मुद्दतो से राह देख रहा हूँ मैं तेरी,
    हर पल यहाँ अब एक ज़माना लगता है।

    हर कोई दिखा रहा है मुझे मेरा चेहरा,
    जहाँ जाऊँ में वहाँ आइना लगता है।

    यूँ जो घुल गया है ग़म मेरी आँखों मे,
    हर कोई यहाँ मुझे दीवाना लगता है!

    घूम रहा है हर कोई नक़ाब पहन कर,
    यह शहर अब मुझे बेगाना लगता है।

    ©जतन ठाकर