• arunbhardwaj 4w

    खुदा का ही हुक्म रहा होगा
    कि, हमने दो बीती बात की ।।

    मुलाक़ात की, रूबरू रात की ।

    गुजरी सासों के वे गीत मेरे
    अब चीखे हैं चंदा चातकी ।।

    Arun Bhardwaj (Atirek)