• sumitsharma8080 14w

    ज़िंदगी के पन्ने...पन्नो में तुम

    याद रखने और भूल जाने कि बीच एक खास जगह हुआ करती है
    जहाँ तुमको हिफ़ाज़त से छुपा रखा है मैंने..
    कोई नहीं जानता की तुम वहाँ मौजूद हो अब भी..
    दिल के किसी कोने में...मुझसे मिलने आते हो अक्सर...जब कभी बहुत ज़्यादा याद आते हो तुम..
    तो ‘ज़िंदगी के पन्नो में ढूँढता हूँ तुमको’

    ©sumitsharma8080