• rohitsw 16w

    तेरे खामोशी ने यूं अपाहिज किया हमें,
    के अब खुदकी आवाज गैरो सी लगे हमें।

    अनसुलझे सवालों ने यूं घेरा हमे,
    तेरा हर जवाब उलझन लगे अब हमे।

    उम्मीद जो बिन बोले परोसते रहे तुम,
    आदत जो बिन जताए लगाते रहे तुम,
    हौसला जो उन नजरो से बढ़ाते रहे तुम,
    झूठ का ये तमाशा सच लगता रहा हमे,
    दीवाना समझ ये ज़माना जलील करता रहा हमे।

    प्यार जो हमेशा बरसाते रहे हम,
    खबर जो रात दिन पूछते रहे हम,
    सपने जो नींद में बुनते रहे हम,
    साथ हमारा तब ना घुटन लगा तुम्हे,
    दुनिया की फ़िक्र अब क्यों सताए तुम्हे?

    तेरा इंतजार हमेशा रहेगा हमे,
    चाहे तू लौटे या ना लौटे अब
    हमारे सफर की यादें जिंदा रखेगी हमे।