• khaso_aam 38w

    प्रेम जीवन नदी की प्रवाह है,
    दया और सम्मान उसके दो किनारे।।

    किनारों की जरूरत तो है,
    जीवन की दिशा के लिए।।

    पर प्रेम ही जीवन को,
    जीवंत बनाता है।।