• 1lamha1ishq 5w

    लेखक जावेद सय्यद

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    आता तो अंधों को आंखें भी हो जाए
    बस यकीन मेरे रब पर हो
    दिल की गहराई में से इबादत का सैलाब उठता हो
    इस दुनिया की क्या बात क्या जन्नत की मिसाल
    जीते जी भी और मरने के बाद भी
    दीदार ए हसरत मेरे रब की हो
    या रब जावेद के दिल में जुस्तजू का चिराग ही रोशन हो
    ©1lamha1ishq