• ashu11 24w

    क्या ढूंढ़ती हो ?

    अब क्या ढूढ़ती हो ?

    मेरे ख्यालों में वजूद अपना
    मेरे आज में अतीत अपना

    या मेरी आंखों में अपना चेहरा
    या वो मेरे सीने का दर्द गहरा

    बताओ क्या ढूंढ़ती हो ?

    वो अश्कों का पानी
    या वो अधूरी कहानी

    या अपने खोखले वादों के बुनियादों का खंडहर

    क्या ढूंढ़ती हो ?

    ना वजूद मिटा है तेरा
    ना अतीत मिटाऊंगा
    चेहरा इन्हीं आंखों में कहीं है
    दर्द अब लब्ज़ के शक्ल में है।

    अश्कों का पानी यही रहता है आंखों के किनारे पे

    मेरी अधूरी कहानी अब चंद लब्जो में सिमट गई है

    वो खंडहर आज भी वीरान है तेरे वादों के ।।

    फिर बताओ ना
    क्या ढूंढ़ती हो ??
    ©ashu11