• mohitrajpootana 15w

    आज फिर कुछ पुराने पन्नों को उसने खोल दिया ,
    जो कह न सकती थी अल्फाज़ों से,
    जज़्बातों से बोल दिया ।

    बहुत दूर है वो मुझ से और मैं उस से ,
    पर फिर भी कुछ तो बोल रही ,
    शायद दिल के दरवाज़े खोल रही ।

    ©mohitrajpootana