• bhargava_prem 15w

    #mirakee #मेरी_कलम_से #existance
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    मैं प्रेम हूँ

    समन्दर को मैं मुट्ठी में, कहो तो बन्द कर लूंगा
    कहो तो बैठकर, लहरों से भी मैं, द्वंद कर लूंगा।
    जीवन की कशमकश में फंस के भी मैं फंस नही सकता
    फंसा; तो प्रेम हूँ मैं, प्रेम से आनन्द कर लूंगा।।






    ©bhargava_prem