• bhargava_prem 6w

    #mirakee #मेरी_कलम_से #existance
    #B+

    Read More

    मैं प्रेम हूँ

    समन्दर को मैं मुट्ठी में, कहो तो बन्द कर लूंगा
    कहो तो बैठकर, लहरों से भी मैं, द्वंद कर लूंगा।
    जीवन की कशमकश में फंस के भी मैं फंस नही सकता
    फंसा; तो प्रेम हूँ मैं, प्रेम से आनन्द कर लूंगा।।






    ©bhargava_prem