• swatie 3w

    दिल कि कसक न जाने आँखों तक गई कैसे
    रोका तो बहुत पर न जाने ख़बर लगी कैसे।
    किनारे पर अश्कों के पहरे को सुला ही दिया था
    न जाने आहट अचानक तुम्हरी लगी कैसे।।
    ©swatie