• the_limit 5w

    अब जब हर दिन बाते तुमसे होने लगी है
    तुम्हारी हँसी को जो मैं फिर से महसूस करने लगी हुँ
    तुम्हारे साथ होने का जो एहसास अब फिर से होने लगा है
    तो तुम जानते भी हो??
    तुम्हारी दस्तक ना पाकर दिल ठहर सा जाता है

    अब जब तुम्हे जानने की कोशिश मैं फिर से करने लगी हुँ
    अब फिर से सुबह तुम्हे सोचने से और रात का आखिरी पहर तुम्हारे ख्यालों में होने लगा है
    तो तुम जानते भी हो??
    तुम्हारी इक अनकही बात से दिल ठहर सा जाता है

    तुम्हारी पसंद - नापसंद अब जब मुझे समझ आने लगी है
    तुम्हारी ख्वाहिशों का एक हिस्सा जो मुझसे रूबरू होने लगा है
    तो तुम जानते भी हो??
    मेरा लाख पुछने पर भी जब तुम्हारा जवाब नही आता तो दिल ठहर सा जाता है
    ©the_limit