• nameisr 6w

    लड्डू बांटू

    दोस्तो आज दर्शन हो गए है उनके
    जिनके बरसों से चाहत थी
    दिल तो कर रहा है सबको लडडू बांटू
    पर क्या करूँ अभी तक शायरी की किताब
    जो बेचने को लगाई है...बिकी नहीं है



    © रवि