• eehippopotamus 15w

    By Jai Ojha

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    एक वक्त था , जब तुझसे बिछड़ जाने का डर लगा रहता था ,

    और तू कहीं छोड़ न दे , इस ख्याल भर से मै सहमा सहमा सा रहता था |
    लेकिन अब सुन ले , अब सुन ले

    इतना जलील हुआ हूँ तेरे इश्क में

    इतना जलील हुआ हूँ तेरी इन रोज रोज छोड़ने छाड़ने की आदत से ,

    कि तू अब 1 क्या , सौ दफा छोड़ जाये तो मुझे फ़र्क नहीं पड़ता
    Ek Vaqt Tha Jab Tujhse Beintiha Pyar Karta Tha 

    एक वक्त था , जब तुझ बिन एक पल न रह सकता था

    एक वक्त था , जब तुझ बिन एक पल न रह सकता था

    बैचेन गुमशुदा था , अकेलेपन से डरता था |

    बैचेन गुमशुदा था , अकेलेपन से डरता था |

    लेकिन अब सुन ले कि अब तो इतना वक्त बिता चूका हूँ ,

    इस अकेलेपन में ,

    अरे अब तो इतना वक्त बिता चूका हूँ , इस अकेलेपन में ,

    कि सुन ले, कि अब ताउम्र तनहा रहना पड़ जाये तो मुझे फ़र्क नहीं पड़ता

    Ek Vaqt Tha Jab Tujhse Beintiha Pyar Karta Tha 

    एक वक्त था जब तुझे कोई छु लेता , तो मेरा खून खौल उठता था |

    और इसलिए मै कई दफा इन हवाओ से बैर पाला करता था |

    अरे अपने हुश्न के सिवा कुछ नहीं है तेरे पास अगर,

    अंग्रेजी में एक कहावत है
    If beauty is all You have
    Then Ugly is all You are .

    अगर आपके पास सिर्फ और सिर्फ उपर की ख़ूबसूरती है ,

    और आपके अंदर कुछ भी नहीं है , तो आप भद्दे ही हो |

    तो अपने हुश्न के सिवा कुछ नहीं है तेरे पास अगर,

    तो जा, जा किसी के साथ हमबिस्तर भी हो जा तो ,

    मुझे कोई फ़र्क नहीं पड़ता |
    तो अपने हुश्न के सिवा कुछ नहीं है तेरे पास अगर,

    तो जा, जा किसी के साथ हमबिस्तर भी हो जा तो ,

    मुझे कोई फ़र्क नहीं पड़ता |

    इतना गुरुर किया तूने अपने इस मिट्टी के जिस्म पर ,

    जा तेरा ये जिस्म किसी और का भी हो जाये तो मुझे कोई फ़र्क नहीं पड़ता |
    Ek Vaqt Tha Jab Tujhse Beintiha Pyar Karta Tha 

    एक वक्त था जब तेरे लिए खुदा से मन्नते मागंता था ,

    मुझे तो खुद तो कुछ चाहिए न था , सिर्फ तेरे लिए अपने उस खुदा को आजमाता था |

    लेकिन अब सुन ले , अब तो मै न झुकता हूँ , न पूजता हूँ , न मानता हूँ किसी को ,

    अब तो भले तो तू खुद खुदा बनी चली आये तो मुझे कोई फ़र्क नहीं पड़ता
    Ek Vaqt Tha Jab Tujhse Beintiha Pyar Karta Tha 
    अब तो इतना बैखोफ हो गया हूँ , कि ये सब भी छोड़ जाये तो

    मुझे कोई फ़र्क नहीं पड़ता !!

    अरे खुद ही मै मस्त हो गया है तेरा ये “जय” इतना

    कि अब सुनने आये या न आये फ़र्क नहीं पड़ता !!