• abhasrivastava 7w

    सब अकेले हैं

    यहां हम सब अकेले हैं
    ये कुछ दिन के मेले हैं .....

    होंगे कष्ट से आजाद
    रह जाएगा ना विवाद
    कुछ दिनों के झमेले हैं
    यहां हम सब अकेले हैं .....

    ना है वश कोई तेरा
    ना है घर कोई तेरा
    सब किस्मत के खेले हैं
    यहां हम सब अकेले हैं .....

    ना है प्रेम कोई यहां
    ना हमसफ़र कोई यहाँ
    सब मिट्टी के ढेले हैं
    यहां हम सब अकेले हैं

    ©abhasrivastava