• hemlatajain 15w

    बेदर्दी राह

    इस बेदर्दी दुनिया में कोई अपना नजर नहीं आता। मुरदे को ऊढाने चार लोग बिन बुलाये आ जाते हैं । जिनदे का तमाशा देखते हैं बिलखते को दो पत्थर ओर मारकर चल देते ।जालिम जमाने में कोई अपना नजर नहीं आता ।दुनियां में ऐसा मझर देख रुह काप नहीं ऊढती।इन आखो ने देखी है तबाही जब सैलाब आता है सब कुछ उसी क्षण में बहा ले जाता है पलक झपकते ही कारवाँ बदल जाता दुनिया के मेले में जख्मों का ढैला है किसी फेंका है किसी ने झझोरा है जख्मों को कुरेत कर नौचा है भगवान तेरे बाद मुझे कयो बनाया इस संसार में मेरा कया काम ।