• thefeelingsuntold 6w

    कैसे बया करू मैं अपने दिल का हाल।

    शब्द नहीं सिर्फ मेहसूस करता हूं मैं।
    ज़िन्दगी बीच समुंदर में, गोते खा रही हैं।
    अंतर आत्मा चिल्ला रही है।
    शांत हो चुकी है , मेरी खुशी,
    जैसे बंद हो चुकी है मेरी हस्सी।

    कोई नहीं है दिल के सुख धुख बाटने के लिए,
    समय नहीं है अच्छे पल काटने के लिए।
    दिल की सारी बातें करने केलिए ,कोई चाहिए नहीं।
    आदत हो गई है , अकेले रहेने में।
    खुद का दर्द खुद को सुनकर , दिलासा देने की।

    कैसे बया करू इस दिल की बात।
    कैसे बया करू इस दिल की बात।

    लिखकर हो रहा है , दिल का दर्द कम,
    नहीं रहा मेरे मुख में बया करने का दम।

    ©thefeelingsuntold