• mishrahoney 6w

    फोन

    यूँ तो सोसल मीडिया और फोन के जरिए हमारी
    बात हो जाया करती थी।
    हाँ आज के समय के लोगों जैसे घंटो नही होती थी।
    लेकिन दिल को चैन तो बस उनके वो प्यार भरे आवाज-
    " हैलो कैसी है? " से ही मिल जाता था।
    आज भी मिल जाता है लेकिन उस समय सबकुछ नया था।
    फोन उठाने में भी शर्म और झिझक होती थी क्या बोलू समझ नही आता था।
    और अब तो 2-4 घंटे फोन पे हल्की प्यार भरी नोकझोक के बाद भी लगता शायद अब मेरे झगडने की Power कम हो गयी है।