• kriti_sen 14w

    तुम्हारे बगैर जीना क्या?

    जीने का ख्वाब भी नहीं देख सकती।

    सांसों के बिना शायद कुछ पल में जी सकती हूं..

    लेकिन तुम्हारे बिना नहीं।

    तुम, हां तुम वह पहले इंसान हो,

    जिसे मैं ज़िन्दगी से बढ़कर चाहने लगी हूं।

    मेरा आज, मेरा कल, मेरे दिन, मेरे पल..

    सिर्फ तुम्हारे दम से हैं।

    मेरी पूजा में, मेरी दुयाओं में,

    मेरी खामोशियों में, मेरी सदाओं में।

    सिर्फ तुम हो, सिर्फ तुम।

    तारे टूट जायेंगे, चाँद बुझ जाएगा,

    वक़्त यहीं ठहर जाएगा लेकिन,

    लेकिन उम्मीद की आखरी किरण बुझने तक..

    आखरी सांस चलने तक.. मैं तुम्हारा रास्ता देखूंगी।

    तुम्हारा इंतज़ार करूंगी..

    हां, मैं तुम्हारा इंतज़ार करूंगी।