• sanjay_writes 14w

    मै तुजसे कुछ कहना चाहता हुँ।
    सुंन लेना धड़कन कि आवज़ मैं दिल से बोलना चाहता हुँ।
    मिले थे जब हम एक सपना सा लगा था ।
    ओर आज मैं उस सपने को हकिकत मैं बदलना चाहता हुँ।
    बस मै बस तुझसे कुछ कहना चाहता हुँ।

    कुछ कुछ हो या ना हो ।
    लेकिन जब तु सामने होती थी ।
    ओर मीठी मीठी आवाजो मे बोलती थी ।
    बस दिल उछल पड़ता था ।
    ओर सनंसनाहाट सी छा जाती थी ।
    बस तुझसे कुछ नही चाहता हुँ।
    प्यार मे तो दूनियाँ मरती है ।
    पर मै तेरे साथ जीना चाहता हुँ।

    तेरी एक एक बात दिल को छु जाती है ।
    मैं सुनता रहुँ हमेशा इसी कि इच्छा चाहता था ।
    ओर फिर तेरा चेहरा कुछ बताता था ।
    मै सपनो मे अपनी पलको पे हुँ।
    तु दूर है मुझसे ऐसा क्या हुया ।
    तेरी फोटो से दिल को बहलाता रहता हुँ।
    रोज़ रात तुम्हे सपनो मे देखता रहता हुँ ।

    किसी परि से कम नही लगती ।
    बस तेरा ही दिदार करता रहता हुँ ।
    सुंन लेना धड़कन कि आवज़ मैं दिल से बोलना चाहता हुँ।

    तुजै अपनी जांनं से भी जादा प्यार करता हुँ ।
    जो कुछ कहना था मुजै सब कुछ कह चुका हुँ ।
    दिल के राज खोल चुका हुँ।
    अब बस तेरी जरुरत है।
    समझ जाना दिल बडा नाजुक है ।
    कुछ भी कर बैठेगा क्यो की इसे तेरी जरुरत है ।
    बस इतना कहना चाहता हुँ ।
    की मै बस अपनी ज़िन्दगि तेरे साथ बिताना चाहता हुँ।
    सुंन लेना धड़कन कि आवज़ मैं दिल से समझाना चाहता हुँ।

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    सुंन लेना