• kalami 25w

    राहें

    मेरी राहों का नाम नहीं है,
    आगाज़ हैं, अंजाम नहीं है।
    ठहरना नागवारा है,
    इसीलिए ये दिल आवारा है।

    इन्ही राहों ने मेरा हाल सुना है,
    इसीलिए इन्हें मैंने हर बार चुना है।
    यही साथी हैं, घर है मेरा,
    अब यही मंज़िल, सफर है मेरा।

    इन राहों में कुछ तो ज़रूर मिलता है,
    कुछ कर गुज़रने का फितूर मिलता है।
    इस धीमी सी जिंदगी में,
    आगे बढ़ने का सुरूर मिलता है।

    अब यही तमन्ना, यही फितूर है,
    इन राहों पर फिर निकलना ज़रूर है।
    जब खुशी हो, या जब जीवन का सूर्य ढले,
    आओ कभी इन राहों पर चलें।

    ©kalami