• simplelaunda 22w

    वक़्त

    चेहरा अभी भी वही है बस इंसान बदल गया है ।
    जिस्म अभी भी पुराना है बस रूह बदल गई है।।

    जो कभी इत्तेफाकन मस्जिद से गुजर भी जाए तो तेरी खैर मांगता था।
    आज मस्जिद के अंदर भी रह के तेरे लिए खुदा से वैर मांगता है।।

    ✒️simple