• asvony 15w

    मेरी हर साँस की नींव में
    दबे हो तुम
    मेरे हर ऐहसास के खून से
    रंगे हो तुम

    निकालना चाहता हूँ तुम्हे हर जर्रे से
    लेकिन अब उनकी जड़ो तक पहुच
    गए हो तुम

    तेरे चेहरा देख के मुँह फेर भी लू लेकिन
    खुदा की बन्दगी में आँख मीचू तो दिख
    जाते हो तुम

    मेरे जिस्म में कब का मर
    गए हो तुम
    मेरी रूह में अभी भी कहीं
    ज़िंदा हो तुम
    ©asvony