• aashishbhardwaj 5w

    हसीना

    नादानगी इस कदर थी ।
    आबो हवा सी उस हसीना में ।

    वो एक बार मुझे देखती ।
    और मैं हजार बार दिल हार जाता था उसपे ।

    इज़हार मोहब्बत का।
    मेरे बस का तो नहीं है सनम ।

    जरा आंखों से पढ़ लो तो ।
    बात बन जाए ।

    करती हो इश्क तुम भी अगर ।
    मुस्कुरा के निकल जाना करीब से ।

    ©aashishbhardwaj