• kavish_kumar 1w

    मेरा और बात का आखिर कहां नाता है..
    मुझे बात करना आखिर कहां आता है..
    पर लगता है बोलते शब्द जुबां पर लाने चाहिए..
    थोड़ा सा ही मुझे भी किसी से बतियाना चाहिए..
    जो नजरअंदाज करता हूं, किसी की गलतियों को..
    फिर तो मुझे ही नासमझ समझा जाता है..
    मुझे बात करना आखिर कहां आता है..
    चलो अब थोड़ा खुद को, बतियाने में मगरूर करेंगे..
    बातों की गणित सीखने में हम भी कोशिश जरूर करेंगे..
    © Aatish ��