• 73mishrasanju 22w

    उर्दू नज़्म-आगाज़

    आगाज़-ए-मोहब्बत पे तिरी अदा-ए-बे नियाज़ी-ओ-बे पर्वा
    तूने दिल खुश कुन,बाद-ए-नौ-बहार को तूफ़ानी बना दिया।
    मर्हून-ए-मिन्नत हूँ ,तिरे क़ज़ा-ओ-कतअ-ए-तअल्लुक़ का,
    बेसबब,बे चूं-ओ चरा,तूने मिरे ईश्क़ को ग़ैर फ़ानी बना दिया।
    तिरे ख़लाक़ से वाकिफ़ हूँ,मुरीद हुआ, तिरी काबिलियत का,
    बेईरादतन ,कार-ए-नुमायाँ ,मिरे ईश्क़ को रूहानी बना दिया।

    Meaning :-
    मर्हून-ए-मिन्नत -शुकगुज़ार, आभारी
    बे चूं-ओ चरा - बिना कुछ कहे सुने
    ग़ैर फ़ानी - अनश्वर, अमिट, शाश्वत
    ख़लाक़ - किसी व्यक्ति में सद्गुणों की बहुतायत
    कार-ए-नुमायाँ - ऐसा काम जो सब कामों से ऊपर हो
    क़ज़ा-ओ-कतअ-ए-तअल्लुक़ -परस्पर मेल -मिलाप की समाप्ति का आदेश देना
    बेसबब - बिना कारण
    तिरे - तेरे , तिरी - तेरी , मिरे - मेरे
    आगाज़-ए-मोहब्बत - प्यार की शुरूआत
    अदा-ए-बे नियाज़-ओ-बे पर्वा - हाव-भाव से ये दिखाते कि बेफ्रिक और बेपरवाह जिसे किसी से कुछ लेने की इच्छा ना हो
    बाद-ए-नौ-बहार - नई बहार की खुशनुमा हवा
    दिल खुश कुन - दिल को खुश कर देने वाला

    ©73mishrasanju