• vrushabhtribhuwan 14w

    Online एक बिमारी

    बच्चे अभी मैदानो मे नह़ी..मोबाईलो पर खेलते है...
    दिल अभी बगींचो में नही... online ही मिलते है..

    अभी जितनी बच्चो के दौडने कि आवाज नह़ी आती...
    उसे ज्यादा किसी के दिल तोडनें कि आती है...

    हम जरूरत से ज्यादा तो नही इसका इस्तमाल कर रहै है?
    इसीलिए हम मिलकर भी नही मिल रहै है...

    मैं भी सोचता हुँ हमेशा कि वो अगर,
    offline हो जाये तो..मेरा खयाल कौन रखेंगा..??
    मुझसे सवाल कौन पुछेंगा ?
    ©vrushabhtribhuwan