• rahulrsjain 3w

    "मै"

    अखबार को पढ़ लेता हूँ
    शाम को आराम से
    सुबह सुबह उलझने की
    आदत नही रही
    शब्दों की गहराई कों
    समझता हूँ आज भी
    मजबुर होकर मशहुर होने की
    आदत नही रही
    ©rahulrsjain