• badnaam_shayar 15w

    शराबी

    उनकी बेवफाई का भी क्या कमाल है।
    लगी ठोकर मुझे तो दिल का बुरा हाल है।
    जाम उनके आँखों से पिए थे हम या मयखाने से,
    हर रोज की तरह आँखे मेरी आज भी लाल है।
    कभी शायरी लिख रहा हु तो कभी गीत गा रहा हु।
    उनके दिए ज़ख्म से चोट की मार खा रहा हूँ।
    अब तो गम भुलाये न भुला पाते,
    हर रोज़ मयख़ाने मैे बार बार जा रहा हुं।
    कभी पीकर अपने ज़ख्मों को सीता हूं।
    तो कभी गम भूलाने को पीता हु ।
    क्या करे अब जाम ही सहारा है एक मेरा ,
    बस मैं कुछ इसकदर ही ज़िन्दगी जीता हूँ।

    ©naarensingh