• jmayank1 13w

    रावण को जलाने वाले, खुद रावण बन बैठे
    तोड़ मर्यादा अपनी, कुकृत्यों में विलिप्त ऐंठे
    जिस घर मे कन्या पूजी, उसी घर मे सेंध किया
    अपनी हवस में ऐसे उलझे मंदिर तक को भेद दिया!

    आश्चर्य कुछ ऐसा देखो, क्या देश की व्यवस्था बनाई है,
    पीड़िता में हिन्दू मुस्लिम देखे, ये कैसी मानवता आयी है..
    वो “जानवर” छूट जायेगे देखना तुम , ये कानून वाकई अंधा है..
    मेरा देश कुछ ऐसा बदल रहा है, ये भी एक विडम्बना है!

    M.J.