• hullas98 23w

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    एक जंगल है

    जंगल में बेतरतीबी से वृक्ष खड़े
    वृक्षों पर है सांप लिपटे पड़े
    वृक्ष के कोने में एक कोटर
    कोटर में घना अँधियारा
    अंधियारे में एक भोला सा पक्षी
    साँपों से डरकर
    छिपा बैठा बेचारा।
    कहाँ से आया
    कैसे आया
    होकर इतना घायल
    पर साहस तो देखो
    पंख कटवाकर भी
    है मन में जीवन की आस लिए

    है आँख खुली पर देख रहा केवल अंधियारा
    जागृत कानों से सुन पा रहा केवल फुफकार मृत्यु की
    सोचता है पर सोच नहीं पाता
    भय से तनिक भी चिल्लाता
    सहसा
    अंधियारे में कटी पतंग से दिखते है बीते सुनहरे क्षण
    जुगनू की चांदनी में चमक उठता कोटर
    उल्लासित हो वह छोटा सा पंछी चिंहुक उठा
    फिर एक तूफान उठा
    उसके बाद गहरा सन्नाटा।।
    ©hullas98