• nehulatagarg 18w

    अवनी - 36

    इतनी ज्यादा भी खराब ना हो कि , उसे ज्यादा सेवा करनी पड जाये और इतनी कम भी नहीं कि , वक्त से पहले ही वो घर पहुंच जाये और जवाब हाँ में मिलता है सुन्दर मामा से और शेखर को पुराने दिन याद आते है जब पल्लवीं माँ अपने बच्चे को खोने के बाद उन्हें छोड़कर हमेशा के लिये पीहर चली जाती है और कभी ना वापस लौटने का पक्का इरादा कर लेती है लेकिन शेखर परिस्थितियां ऐसी पैदा कर देते है कि , पल्लवीं माँ को वापस आना पडता है क्योंकि वो उनके दादाजी के कपड़ों के व्यवसाय को ठप कर देते है उनकी कम्पनी के शेयर गिराकर तो दूसरी तरफ ऋषि सारी दुनिया में यह बदनामी कर देते है कि , पारूल माँ के घर वालों को तो बस उनकी कमाई चाहिए और दोनों भाईयों की कोशिशों की वजह से दोनों को वापस आना पडता है और ऐसा ही कुछ करने की धमकी वो अवनी को लेकर पारूल को भी देते है । ऋषि भी फोन करके किसी बनारस वाले अपने आदमी को झूठे केस की कहानी बनाने को कहते है और सुधा को नासिक कावेरी माँ के पीहर और इस तरह सबका