• jignaa 7w

    सुनो....।

    सुनो...,,
    नित्य किसीका कयास ना निकाला करो,
    अपितु समझने का प्रयास भी किया करो।

    सुनो...,,
    मस्तिष्क की सर्वोपरिता स्वीकार्य है,
    किन्तु हृदय को तिरस्कृत ना किया करो।

    सुनो...,,
    प्रेम एक प्रचंड वेगमयी उर्जा है,
    उसे योग्य एवं निश्चित मार्ग दिखाया करो।

    सुनो...,,
    जो सृजित हुआ है तेरे लिए; तेरा है,
    किंचित संदेह से तुम किनारा कर लिया करो।

    सुनो...,,
    स्वार्थपरता प्रसरित है जग में मान्य है,
    कभी निश्छल प्रीति को भी समझ जाया करो।

    सुनो...,,
    कभी लगे कि हमने पुकारा, या गूंज ही लगे,
    बस....सुन लिया करो,
    सुन लिया करो..!!!
    pranalii
    ©pranalii