• maheshwari13 13w

    आखे टकराई

    आज फिर हमारी आखे ,उनकी आखों से टकराई
    दिल और दिमाग में बहुत सी बाते आयी
    लेकिन ज़ुबान कुछ न कह पायी
    वो सारी बातें, वो सारे लम्हे ,फ्लैशबैक की तरह सामने से चले गये
    और हम आखें निचे करके बस सीधे चल गये

    कुछ परिस्तितिया ही ऐसी होती है की अब चाह कर भी चेहरा पर मुस्कान नहीं आती
    कुछ बाते चाहे कितनी भी पुरानी हो जाये पर कभी भूली नहीं जाती
    कभी कभी ज़िन्दगी में इश्क़ के आगे भी कुछ आ जाता है चाहे उसे रेस्पेक्ट या ईगो
    ये दिल और दिमाग को भुडडु बना जाता है
    अगर आपकी आखें भी यु ही है टकराई तो कमेंट करो बॉक्स में आखिर क्या बातें फिर ज़ुबान पर आयी
    ©maheshwari13