• chetantapan 13w

    माँ और दुनिया

    मैं डरता हूँ माँ मैं मर नही पाऊंगा
    तेरी गोद में ही सोते सोते ऐसे सो जाऊंगा

    दुनिया तो बदल रही है वक़्त के साथ
    तूम क्या जानो वक़्त के साथ मैं क्या बन जाऊंगा,

    अब तो आंखों से आंसू भी सुख गए इसांनो के
    किसी ने जो न संभाला मुझे तो खुद में ही गुज़र जाऊंगा


    टूक देखलु ज़माने के मेले को तेरे आँचल से
    क्या मालूम किसी बचपन के खिलौने पे बेहल जाऊंगा

    अब क्या बयां करू की ये दुनिया तो बाज़ार-ए-बुतखाना है
    सो अब जो कोई बूत न दिखा तो मैं भी मुकर जाऊंगा

    मीर, सौदा, जॉन सबको ही बड़े दिनों से सून रहा हूँ
    तो अब तलब लगी है कि मैं भी कही कुछ कर जाऊंगा।
    ©chetantapan