• ya_pta 33w

    अल्फ़ाज़ थे उसके.. जोड़ लिए खुदसे..
    नशा इश्क़ का उसने निभाया है...
    दारू से संबंध मैंने बनाया है..
    रातें अब गुमनामी में कटती हैं..
    आँखे अब गुलाबी सी दिखती हैं..
    कि बदल लिया मैंने भी जीने का ढंग..
    मोहब्ब्त के कुछ ऎसे भी होते हैं रंग..

    ©ya_pta