• shivrit06 6w

    हमारी हर परेशानी को झूठा समझते हैं
    पर दुख दर्द रेगिस्तां के दरिया कहाँ समझते हैं
    हमारी तो यह फितरत है रिश्तों को गणित में नहीं लाते
    ज़िसे अपना समझते हैं उसे अपना समझते हैं
    ©shivrit06