• sahity 18w

    एक दफ़ा पुराने इश्क़ की नई शुरुआत करते हैं
    चलो फ़िर से अजनबियों की तरह बात करते हैं

    फिर एक दूजे की सोहबत में दिन को रात करते हैं
    फ़िर उसी नुक्कड़ वाली कॉफ़ी शॉप में मुलाकात करते हैं

    जिन्हें रंगा है हमने दागों से, उस कागज़ को बेदाग करते हैं
    इस दफ़ा तस्वीर की नहीं, एक ग़ज़ल की शुरुआत करते हैं

    तारों की छांव में फ़िर से चंद लम्हें बिताने चलते हैं
    फिर से आपसी दूरियों में जलते हैं

    एक बार फिर तुम पहली दफ़ा मुझे कॉल करना
    मेरी पसन्द-नापसन्द पर तमाम सवाल करना

    मेरी ग़लतियों को हो सके तो इस बार टोंक देना
    ख़्याल जुदा होने का आने से पहले ही रोक लेना

    दूसरा मौक़ा दे हमको, किस्मत ऐसी हसीन नहीं
    मालूम है पर हम दोनों को, प्यार में अपने कोई कमीं नहीं

    तो हो सकता है बस में अपने वक़्त को बस में करना
    पर साथ ज़रूरी है तुम्हारा, तन्हा नहीं कुछ करना।

    ©kapil_dew