• pokerfacedcomic 1w

    एक शाम इश्क़ की महफ़िल लगी,
    हम आए, वो भी आए।
    शुरू हुए जाम लगने,
    हम उनके इश्क़ के चढ़ाते गए,
    वो हमारे इश्क़ के चढ़ाते गए।
    एक रोज़ जब उनसे ज़्यादा हो गई,
    तो उनके दोस्त ले गए महफ़िल से उनको।
    हमने अपने सारे दोस्त भुला दिए चाहत में उनकी,
    की हमको कोई ना ले जाए महफ़िल से,
    यह शायद किसी ने बताया नहीं उनको।।
    ©pokerfacedcomic