• kamalchoudhary 15w

    उम्मीद.......

    उम्मीद बहते पानी की तरह है
    जो रास्ता न होते हुए भी
    चट्टानों को तोड़ कर
    पहाड़ो का सीना फोड़कर
    किसी न किसी रूप में
    सामने आ ही जाती है .........
    ©kamalchoudhary