• rssehgal 15w

    वो बहुत प्यारी लगती है,
    हमें जान हमारी लगती है,

    पर डरते है बात कैसे करे,
    वो ग़ुस्से वाली लगती है।

    ख़ूबसूरती की क्या तारीफ़ करे,
    वो कोई राजकुमारी लगती है।

    मैं बुझा हुआ सा कोई दिया हूँ,
    वो दिए की रोशनी लगती है।

    मुझे तो आदत है हर हाल में जीने की,
    वो माँ-बाप ने नाजों से पाली लगती है।
    ©rssehgal