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    जिदंगी और कुछ भी नहीं... One of my favourite song in my style ����������

    जिदंगी और कुछ भी नहीं, साँसों की रवानी है।
    एक साँस जो आ जाएं तो जिंदगी
    ना आये तो खत्म बस इतनी सी जिंदगानी है।
    जो कुछ जोड़ा यहाँ वो यहीं रह जाये।
    साथ ना जाऐ ये पैसा ये तो पानी है।
    जिंदगी और कुछ भी नहीं, साँसों की रवानी है।
    जिस शरीर को लेकर करता मैं मैं
    उसकी तो चिता जल जानी है।
    चाहें राजा हो या हो रंक,
    सबकी एक सी कहानी है ।
    जिंदगी और कुछ भी नहीं, साँसों की रवानी है।
    जो आया है वो जायेगा मान ले मितवा
    ये नगरी तो मृगतृष्णा सी सुहानी है।
    जी ले जी भर मुट्ठी भर रेत सी है ये
    एक दिन तो फिसल जानी है।
    जिंदगी और कुछ भी नहीं, साँसों की रवानी है।
    जाते जाते पर कुछ ऐसा कर जा।
    जिससे याद रखें तुझे ये दुनिया जो सयानी है।
    जिंदगी तो तब जिंदगी है
    जब वो किसी के काम आनी है।
    ऐसे ही जीते रहना तो बस बेईमानी है।
    गिनती की है ये साँसे
    एक दिन चलना बंद हो जानी है।
    बाँध के मुट्ठी आया था पर
    अंत में खोल के जानी है।
    सदा से चलती प्रथा
    एक दिन हमें भी निभानी है।
    जिंदगी और कुछ नहीं साँसों की रवानी है।
    हरे कृष्णा ��
    ©rolipoetry
    #hks #hindi @hindiwriters

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    जिदंगी और कुछ भी नहीं, साँसों की रवानी है।
    एक साँस जो आ जाएं तो जिंदगी
    ना आये तो खत्म बस इतनी सी जिंदगानी है।
    जो कुछ जोड़ा यहाँ वो यहीं रह जाये।
    साथ ना जाऐ ये पैसा ये तो पानी है।
    जिंदगी और कुछ भी नहीं, साँसों की रवानी है।
    जिस शरीर को लेकर करता मैं मैं
    उसकी तो चिता जल जानी है।
    चाहें राजा हो या हो रंक,
    सबकी एक सी कहानी है ।
    जिंदगी और कुछ भी नहीं, साँसों की रवानी है।
    जो आया है वो जायेगा मान ले मितवा
    ये नगरी तो मृगतृष्णा सी सुहानी है।
    जी ले जी भर मुट्ठी भर रेत सी है ये
    एक दिन तो फिसल जानी है।
    जिंदगी और कुछ भी नहीं, साँसों की रवानी है।
    जाते जाते पर कुछ ऐसा कर जा।
    जिससे याद रखें तुझे ये दुनिया जो सयानी है। जिंदगी तो तब जिंदगी है
    जब वो किसी के काम आनी है।
    ऐसे ही जीते रहना तो बस बेईमानी है।
    गिनती की है ये साँसे एक दिन
    चलना बंद हो जानी है।
    बाँध के मुट्ठी आया था पर
    अंत में खोल के जानी है।
    सदा से चलती प्रथा
    एक दिन हमें भी निभानी है।
    जिंदगी और कुछ नहीं साँसों की रवानी है।

    ��हरे कृष्णा ��
    ©rolipoetry