• adityajain 2w

    "हम"

    मैं "हमे" अब तक भूल नही पाया,
    हाँ!कुछ ख़्वाब ज़रूर दफ़्न कर चला हूँ अपनी आँखों मे...

    मैं "हमे" अब तक भूल नही पाया,
    हाँ!कुछ एहसास ज़रूर पीछे छोड़  चला हूँ राहों में...

    मैं "हमे" अब तक भूल नही पाया,
    हाँ!कुछ प्यार ज़रूर डूबा चला हूँ साँसों में...

    मैं "हमे" अब तक भूल नही पाया,
    हाँ!एक आस ज़रूर साँथ ले चला हूँ फिर "साँथ" होने की ख़ातिर...

    मैं "हमे" अब तक भूल नही पाया...